कुछ स्थान केवल ईंट और पत्थरों से नहीं बनते,
वे श्रद्धा, विश्वास और निःस्वार्थ समर्पण से जन्म लेते हैं।
ऊगरपुर की पावन धरा पर स्थापित
श्री वीर पंचमुखी हनुमान मंदिर
ऐसा ही एक दिव्य स्थल है—
जहाँ भक्त केवल दर्शन नहीं करता,
बल्कि अपने भीतर शक्ति, साहस और शांति का अनुभव करता है।
यह मंदिर केवल आस्था का प्रतीक नहीं,
बल्कि सेवा, विश्वास और भक्ति की जीवंत पहचान है।
वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तों की उपस्थिति में मंदिर निर्माण हेतु पवित्र भूमि पूजन सम्पन्न हुआ।
श्रद्धालुओं के सहयोग और सेवा भावना से मंदिर निर्माण कार्य आरंभ हुआ।
भक्तों की आस्था और समर्पण से मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ और दिव्य स्वरूप प्रकट हुआ।
॥ भगवान श्री वीर पंचमुखी हनुमान जी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न ॥
दिनांक 22–23 जून 2026 को श्री वीर पंचमुखी हनुमान मंदिर, ऊगरपुर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर पधारकर महोत्सव को सफल बनाने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का हार्दिक आभार।
॥ जय श्री राम ॥
॥ जय वीर पंचमुखी हनुमान ॥
श्री वीर पंचमुखी हनुमान मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं,
बल्कि श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है।
यहाँ आने वाला प्रत्येक भक्त अपने भीतर नई शक्ति,
साहस और सकारात्मकता का अनुभव करता है।
श्री वीर पंचमुखी हनुमान मंदिर की निर्माण यात्रा,
भक्ति, सेवा और समर्पण के कुछ विशेष क्षण।
मंदिर निर्माण के दौरान सेवा, समर्पण और भक्तों की सहभागिता के दिव्य दृश्य।
दिव्य मूर्ति निर्माण से लेकर स्थापना तक की आध्यात्मिक यात्रा।
वैदिक अनुष्ठान, भक्तिमय वातावरण और दिव्य उत्सव के विशेष क्षण।
Grand celebrations with bhajans, deepotsav, and thousands of devotees gathering for blessings.
Weekly recitation followed by collective aarti and prasadam distribution.
Thousands of diyas illuminate the temple during sacred festive evenings.